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कोरोना वायरस कैसे फैलता है। कोरोना वायरस के लक्षण/ कोरोना वायरस से साधारण बचाव। (COVID -19) Corona virus

Hi friends. कोरोना वायरस कैसे फैलता है। कोरोना वायरस के लक्षण/ कोरोना वायरस से साधारण बचाव। दोस्तो इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि कोरोनावायरस Corona Virus   कैसे फैलता है,कोरॉना वायरस के लक्षण क्या - क्या है,कोरोणा वायरस के साधारण बचाव क्या है।                           आइए हम आपको बताते है कि कोरोण वायरस कैसे फैलता है। इंसानों के जानवर के संपर्क में आने पर,  खासने पर, छींकने पर, हाथ मिलाने से।      ➡️➡️➡️➡️    Share⬅️⬅️⬅️⬅️ कोरोना वायरस के लक्षण।        दोस्तो हम आपको को कोराना वायरस के कुछ लक्षण बताते है।            कोरोना वायरस के लक्षण 1- नाक बहना  2- कफ और खांसी 3- गले में दर्द 4- सिरदर्द 5- कई दिनों तक रहने वाला बुखार 6- निमोनिया ✡️     लेकिन दोस्तो हम आपको बता दे अगर आपको ये लक्षण है तो इसका ये नहीं मतलब की आपको Corona virus hi hai. ✡️ ...

सामान्य ज्ञान।

Hi friends. प्रश्न=01.प्राचीन भारतीय साहित्य में किस भू-भाग को यवद्वीप कहा जाता है. (अ) श्रीलंका (ब) सुमात्रा (स) कम्बोडिया (द) जावा 👉(द) प्रश्न=02. नालंदा विश्वविद्यालय में रत्न सागर क्या था (अ) पुस्तकालय (ब) छात्रावास (स) महल (द) कोष 👉(अ) प्रश्न=03.मौर्य काल में शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र था (अ) वैशाली (ब) तक्षशिला (स) नालंदा (द) उज्जैन 👉(ब) प्रश्न=04. रीफार्म इन्कवाइरी कमेटी को किस वर्ष में नियुक्त किया गया (अ) 1924 (ब) 1929 (स) 1934 (द) 1939 👉(अ) प्रश्न=05.निम्न में से किसे भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है (अ) मैकाले की शिक्षा नीति (ब) वर्धा योजना (स) वुड डिस्पैच (द) हंटर कमीशन 👉(स) प्रश्न=06.प्राचीन शिक्षा व्यवस्था में जो शिक्षक घूम-घूम कर शिक्षा प्रदान करते थे उन्हें क्या कहते थे (अ) आचार्य (ब) गुरु (स) चरक (द) ऋत्विक 👉(स) प्रश्न=07. महायान बौद्ध धर्म का ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय किसे कहा गया (अ) नालन्दा (ब) तक्षशिला (स) वल्लभी (द) विक्रमशिला 👉(अ) प्रश्न=08. तक्षशिला विश्वविद्यालय को कब यूनेस्को द्वारा विश्...

तीन नियम जो बदल दे अपकी दुनिया।

< हैलो दोस्तो मैं आपको ऐसा तीन नियम बताऊंगा अगर आप पालन करते है तो आपको जीवन में हमेशा सफलता पाएंगे। 1.     जीवन में जब दुख आता है तब हर इंसान के जीवन में निराशा भी आती है। फिर लगने लगता है कि आगे पीछे केबल दुख ही है। कुछ ठीक होगा ही नहीं। पर मै आपसे पूछता हु की क्या जीवन बकाई इतनी आसानी से पकड़ में आ सकती है? कहा जाता है कि जीवन किताब की तरह है। कुछ पन्ने दुख के होते है तो कुछ खुशी के। कुछ रोमांचित कर देते है।पर आगे क्या है,जब हम पन्ना  को पलते  है तब हमें पता चलता है।।   इसलिए मै आपसे कहना चाहता हूं की अगर जीवन म कभी दुख आये तो ये समझ लीजिए कि ये पेज दुख का है आऊर आगे वाले पेज प ध्यान दीजिए सुख के भी आ जाएंगे। 2.  एक बात हमेशा याद रखिए सब आपसे खुश रहे,आइसा  हो ही नही सकता। भले ही आपसे कोई मतलब ना हो,पर लोग अच्छी--- बुरी राय बनाते रहते है। ऐसे में लगातार दूसरों की नजर में चढ़ने के बजाय अपनी नजर में उठने की कोशिश करनी चाहिए। एक महान लेखक कहते है “ कुछ लोगो को ख़ुश करना मुश्किल होता है। ऐसे लोगो पर अपना समय और ऊर्जा खर्च...